रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति, मेरठ प्रांत की पांच बहनों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधी। जिनमे प्रांत कार्यवाहिका सुकंज, नोएडा से महानगर कार्यवाहिका इंद्राणी मुखर्जी एवं महानगर संपर्क प्रमुख अनीता जोशी, गाजियाबाद विभाग से प्रांत सह शारीरिक प्रमुख दीप्ति एवं महानगर कार्यवाहिका कविता शामिल थी ।
नोएडा और गाजियाबाद की 20 बहनों ने केंद्र टोली सदस्य सुरींद्रा के सान्निध्य में रक्षा मंत्री राजनाथ को रक्षा सूत्र बांधा
इसके बाद नोएडा और गाजियाबाद की 20 बहनों ने केंद्र टोली सदस्य सुरींद्रा के सान्निध्य में रक्षा मंत्री राजनाथ को रक्षा सूत्र बांधा। राष्ट्र सेविका समिति की कार्यवाहिका इंद्राणी मुखर्जी ने बताया कि रक्षा सूत्र यात्रा 26 अगस्त को इंडिया गेट से आरंभ हुआ । समिति की 42 बहनों ने हरमंदिर साहिब, जलियांवाला बाग , दुर्गियाना मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद अटारी वाघा बॉर्डर पर जाकर बहनों ने 28 अगस्त को देश की सुरक्षा में सतत तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों को रक्षा सूत्र बांधा।
भाई बहन के प्यार और स्नेह का त्योहार रक्षा बंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांध लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने बहन की रक्षा का संकल्प भी दुहराया। बुधवार रात और गुरुवार सुबह से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। बच्चे से लेकर बड़ों तक ने भाई बहन के पर्व को उत्साह के साथ मनाया।
दरअसल भद्रा के चलते तिथियों के उलट फेर से यह पर्व 30 एवं 31 अगस्त दोनों दिन मनाया जा रहा है। रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है, 30 को पूर्णिमा तिथि शुरू होने के साथ ही भद्रा भी रहा जो रात तक रही। ऐसे में लोगों ने रात 9 बजे से बाद रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहनों ने राखी की थाली सजाई। इसमें रोली, चंदन, अक्षत, दही, राखी और मिठाई रखी गई और घी का दीपक जलाया। पूजा की थाली को सबसे पहले भगवान को समर्पित किया गया।
इसके बाद बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक करने के बाद कलाई पर राखी बांधी और उनकी आरती उतारी। फिर भाई को मिठाई खिलाई गई। छोटे से बड़े लोगों में को लेकर बेहद उत्साह दिखा। बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर लंबी आयु की कामना की। भाइयों ने रक्षा का संकल्प लिया। रक्षाबंधन को लेकर बहन और भाई नए नए कपड़े पहनकर सज-धज के तैयार हुए और पर्व मनाया। बाजार में लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। इसके अलावा कॉलोनियों में मिठाई की दुकानें और राखी की दुकानों खुली रही। जहां से बहनों ने मिठाई और राखी की दुकान पर खरीदारी की।

