नोएडा में शाहदरा ड्रेन के पास से जाने पर अब दुर्गंध नहीं आएगी। प्राधिकरण इसके लिए प्लान तैयार कर रहा है। यहां मशीनों के जरिए , फ्लावर बेड या जलीय पौधों के जरिए पानी का बॉयोलॉजिक्ल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी ) का स्तर को बढ़ाया जाएगा। जिससे जलीय जीव को जलीय शैवाल को फायदा होगा। इससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया होगी और पानी से उठने वाली दुर्गंध धीरे-धीरे कम होगी। प्राधिकरण इस पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर लगाएगा।
सीईओ लोकेश एम ने प्रोजेक्ट को लेकर कहीं ये बातें
सीईओ लोकेश एम ने बताया कि इसके लिए सलाहकार कंपनी हायर की जा रही है। ये कंपनी सेक्टर-14ए के पास शाहदरा ड्रेन के नाले पर अपना प्रोजेक्ट लगाएगी। ये काफी नजदीक भी रहेगा ताकि रोजाना इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जा सके। प्रोजेक्ट रिपोर्ट आने के बाद यदि सब ठीक रहता है और बीओडी का स्तर बढ़ता है तो शाहदरा ड्रेन और अन्य बड़े नालों में इस प्रोजेक्ट को अप्लाई किया जाएगा। ताकि नाले और नालियों से उठने वाली दुर्घंग्ध को कम किया जा सके।
बता दें इससे पहले भी शाहदरा ड्रेन के किनारों पर खुशबू दार पौधे लगाकर दुर्घंग्ध को कम करने का प्रयास किया गया था लेकिन प्रोजेक्ट फेल हो गया था। इसके अलावा शाहदरा ड्रेन में इन सीटू वेटलैंड भी बनाए गए है। सीईओ ने बताया कि वेटलैंड अपना काम कर रहे है। लेकिन इस प्रोजेक्ट से बीओडी में बढ़ोतरी होगी जो जलीय जीवो के लिए भी बेहतर होगा।

