नोएडा। इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए नोएडा, ग्रेटरनोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के लिए रीजनल कांप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) तैयार किया जा रहा है। ये प्लान रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाएगा और बेहतर कनेक्टिविटी देगा। ये प्लान इस जनपद के लिए आगामी 50 सालों तक जाम मुक्त , बेहतर ट्रांसपोर्ट सिस्टम देगा। ये काम एक कंपनी करेगी। जिसकी डीपीआर तीनों प्राधिकरण को फॉलो करने होगी।
नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की तैयारियां
इसकी तैयारी नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की। बोर्ड 210वी बैठक में इसे अप्रूव करते हुए आरएफपी तैयार कराई गई। जिसमें चयन करने वाली कंपनी का स्कोप वर्क बताया गया। उसी का चयन किया जाएगा जो हर तरह से सर्वे करने के बाद एक बेहतर ट्रांसपोटेशन और लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी दे सके।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ की अध्यक्षता में तीनों प्राधिकरण की एक समिति का किया जा रहा गठन
ये प्लान 9 प्वाइंट पर बनेगा। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ की अध्यक्षता में तीनों प्राधिकरण की एक समिति का गठन किया जा रहा है । इस समिति में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (प्लानिंग) , तीनों प्राधिकरण के महाप्रबंधक (प्लानिंग) और तीनों प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक शामिल होंगे। आरएफपी के जरिए सलाहकार कंपनी का चयन होगा। वो जो भी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट ( डीपीआर) तैयार करेगी। उसे तीनों प्राधिकरण को मानना होगा।
सीईओ नोएडा प्राधिकरण लोकेश एम का प्लान तीनों रीजन के रोड कनेक्टिविटी के लिए होगा
“अब सवाल ये है कि रीजनल प्लान में क्या क्या शामिल किया जा सकता है” या किया जाएगा। सीईओ नोएडा प्राधिकरण लोकेश एम के अनुसार ये प्लान तीनों रीजन के रोड कनेक्टिविटी के लिए होगा। दरअसल, इसकी आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि गौतमबुद्ध नगर के पास ही देश का सबसे बड़ा इनवेस्टमेंट हब न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) बनाया जाना है। ये 84 गांवों की जमीन पर 203 वर्ग किमी में आबादी करीब 6 लाख की होगी। निवेश का केंद्र होने से इस पूरे क्षेत्र में इकनोमिक ग्रोथ तेजी से होगी। इसलिए यहा मोबिलिटी रीजनल प्लान जरूरी है।
वो प्वाइंट समझते है जिनको सीएमपी में किया जाएगा शामिल
-सबसे पहले सलाहकार कंपनी तीनों शहर के लोकल अथॉरिटी के प्लानिंग सेल से बात और विजिट करके शहरी और ग्रामीण इलाकों की एक ब्रीफ तैयार करेगी। जिसमें लोकेशन, लैंड एरिया,रोड नेटवर्क, रीजनल इकोनामिक, स्ट्रक्चर उपलब्धता को शामिल किया जाएगा।
-सभी प्रकार की डाटा एनालिसिस रिपोर्ट को एकत्रित करना जिसमें यहां सामाजिक परिवेश, रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, अर्बन ट्रांसपोर्ट नियम, रीजनल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी, नेशलन और स्टेट रूल, सड़क हादसे, लैंड यूज , मेप शामिल है।
-इसके बाद एक प्राथमिक सर्वे प्लान तैयार किया जाएगा।
-इसके बाद हितधारक , पब्लिक और अन्य लोगों से इस सर्वे प्लान पर बातचीत की जाएगी।
-डिटेल सर्वे की जिसमें यहां निर्मित इमारतों की संख्या, ट्रैफिक, रोड पर स्पीड, पार्किंग, पेडेस्ट्रेन का डाटा लेकर ग्राउंड रिपोर्ट की जाएगी। ये टाइम, कास्ट , कंफर्ट , सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिहाज से तैयार की जाएगी।
-यहां एक महत्वपूर्ण पाइंट प्रदूषण से संबंधित भी होगा। इसके लिए डीजल, पेट्रोल , एलपीजी और इलेक्ट्रिक का डाटा लेकर ये चेक किया जाएगा कि इसका कितना असर प्लान के अनुसार कम होगा या बढ़ेगा।
-नोएडा ग्रेटरनोएडा और यमुना क्षेत्र में ई बस चलाने का प्राविधान है। इसे मोबिलिटी प्लान में ही शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर की अवाश्यकता होगी। जिसमें एडमिन ब्लाक, चार्जिंग स्टेशन, डिपो, वार्कशॉप आदि।
-रोड नेटवर्क , इंटर कनेक्टिविटी , पार्किंग उपलब्धता और उसके प्रकार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, पेरा ट्रांजिस्ट सिस्टम , सड़कों पर ट्रैफिक का भार, ट्रैफिक सेफ्टी को शामिल करते हुए फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।
-ये फाइनल ड्राफ्ट कंपनी गठित की गई समिति के सामने रखेगी। बोर्ड से अप्रूव होने पर इस पर काम शुरू किया जाएगा।

