गाजियाबाद में ग्रामीणों एवं किसानों की समस्याओं को लेकर विकास संघर्ष समिति ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से समिति ने अपनी छह सूत्रीय मांगे रखी है। इन मांगों के पूरा न होने पर समिति ने आंदोलन करने की बात कही है।
समिति के सचिव सलेक भैया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को हो रही समस्याओं को लेकर विकास संघर्ष समिति हमेशा से आवाज उठाती आई है। इस बार भी ग्रामीणों को हो रही समस्याएं, विकास व मूलभूत सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पत्र भेजकर इनके निस्तारण की मांग की गई हैं। इसके साथ ही स्थानीय सांसद से समिति के 41 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पांच अगस्त को मुलाकात की थी। उन्हें समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी दिया था।
क्षेत्रीय विधायक से भी समस्याओं के निस्तारण के लिए मुलाकात की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर दस सितंबर तक ग्रामीणों एवं किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की ग्रामीण जनता को आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
यह है समिति की छह मांगे
–पाईप लाईन क्षेत्र (मुरादनगर) के गांवों में नगर निगम के द्वारा जगह-जगह पर कूड़ा डंप किये जाने से ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे वायु एवं जल प्रदूषण से निजात दिलायी जाये।
–इस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे में प्रभावित किसानों में से शेष 5 प्रतिशत किसानों के मुआवजे का भुगतान अभी तक नहीं मिल पाया है, जबकि 95 प्रतिशत किसानों के मुआवजे का भुगतान एक समान दर से कई वर्ष पहले किया जा चुका है।
– नव निर्मित पाईप लाईन रोडपर मुरादनगर से टीला मोड, लोनी व भौपुरा बोर्डर तक ग्रामीण जनता के लिए सार्वजनिक यातायात हेतु बस सेवा की व्यवस्था करायी जाये।
– ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर गाँव मिलकचाकरपुर (मुरादनगर) में निर्मित ट्रक ले बाई के पास टोल बूथ की व्यवस्था के साथ पाईप लाईन रोड तक अवशेष सर्विस रोड का निर्माण कराया जाये एवं ग्राम बीहग तक अधूरी पड़ी सर्विस रोड के निर्माण कार्य को पूरा कराया जाये।
–राजनगर एक्सटेंशन से सलेमाबाद झाल तक सुल्तानपुर माइनर की पट्टी पर सौदा-रेवड़ी रेवड़ा मार्ग से लिंक करते हुए जनहित में सड़क का निर्माण कराया जाये।
–हिन्दन नदी में आई बाढ़ से प्रभावित गाँवों के किसानों का फसली एवं मकानों में हुए नुकसान का मुआवजा व क्षतिपूर्ति की व्यवस्था कराई जाये।

