रिपोर्ट: निशांत शर्मा
ग्रेटर नोएडा में सोशल मीडिया पर यमुना एक्सप्रेसवे के पास दुकान में चलाए जा रहे कसीनो के वायरल वीडियो की जांच अभी पूरी नहीं हुई थी कि बुधवार को वसूली की सूची वायरल हो गई। सूची में कसीनो चलाने के लिए हेडकांस्टेबल से लेकर, नेता और पत्रकार समेत कई कर्मचारियों अधिकारियों को दी गई रकम का ब्यौरा है। बुधवार को ही नीमका चौकी इंचार्ज लाखन सिंह को हटा दिया गया। हालांकि अधिकारियों ने दरोगा के तबादले को रूटीन बताया। वहीं कमिश्नरेट पुलिस की ओर से वायरल वीडियो और सूची की जांच डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान को सौंपी गई है। बुधवार को वह जांच करने मौके पर पहुंचे थे।
यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के किनारे नीमका चौकी क्षेत्र के खुर्जा जेवर रोड पर बनी दुकानों में कसीनो चलाने एवं शराब परोसने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया गया था। वीडियो में सात से आठ लोग जुआ खेलते दिख रहे हैं। इसमें इस तरह की गतिविधि से बड़ी वारदात की आशंका जाहिर की गई थी।
इस सूची में जेवर कोतवाली में तैनात अधिकारी व कर्मचारी के नाम पर दो लाख बीस हजार, थाने में चालक के नाम पर 10 हजार, चौकी इंचार्ज के नाम पर 25 हजार, दो पत्रकारों के नाम पर 20 हजार, एसओजी के नाम पर 20 हजार, एक विधायक का करीबी कहे जाने वाले वाले युवा भाजपा नेता के नाम पर 25 हजार, हमराह के नाम पर 2500 रुपये, 112 नंबर हेल्पलाइन के नाम पर 2500 रुपये, एसीपी ऑफिस के नाम पर 50 हजार, एसीपी चालक के नाम पर 20 हजार रुपये की सूची वायरल की गई है। इसमें कुल लगभग 3 लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है।
जांच में लगातार पुलिस जुटी
जांच के आदेश की सूचना मिलते ही लिस्ट वायरल करने वाले सोशल मीडिया पर मुख्य आरोपी का नाम और फोन नंबर तक शेयर कर दिया। कुछ लोगों का दावा है कि लिस्ट में जितने लोगों को पैसा दिया जा रहा था, सभी के फोन की डिटेल और कसीनो चलाने वाले व मुख्य आरोपी के फोन की डिटेल पुलिस निकाल सकती है। सभी आरोपी लगातार फोन से संपर्क में रहते थे।

