आपको जानकर हैरानी होगी कि गोरखपर में कौवों की बीट के कारण मौसम विभाग का सिस्टम ही फेल हो गया है। बीट के कारण एक मशीन पूरी तरह ठप है जिसके कारण सही आकलन नहीं हो पा रहा है। यह हालत करीब एक महीने से है, लेकिन अब तक मशीन को बनाया नहीं जा सका है।
आपदा प्रबंधन विभाग कार्यालय के ऊपर पांच साल पहले वेदर मशीन लगाई गई थी। यह मशीन बारिश के दिनों में हर घंटे के बारिश को सटीक रिकार्ड करता है। इससे पता चलता है कि 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश किस समय हुई। यह मशीन एक महीने पहले अचानक बंद हो गयी। कोई रीडिंग न मिलने से जब कर्मचारियों ने छत पर जाकर मशीन देखी तो कौवों की काफी बीट मशीन पर दिखी। पता चला कि बैटरी और सेंसर के बीच लगने वाली चिप शॉट हो गयी है। तकनीकी आकलन के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया कि उसी बीट के चलते चिप शॉट कर गया। मशीन के खराब हो जाने के बाद से हर घंटे का आकलन आना बंद हो गया।
हालांकि तहसील पर लगा वेदर मशीन अभी काम कर रहा है लेकिन वह मशीन सिर्फ 24 घंटे में एक बार मौसम का आकलन करता है। जैसे अगर किसी दिन बारिश हुई तो वह पूरे 24 घंटे के बारिश का रिकॉर्ड देता है न कि घंटे का।

