उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में छात्रा की मौत का मुद्दा प्रदेश भर में गरमा गया है। दरअसल चिल्ड्रंस गर्ल्स कॉलेज, हरबंशपुर में कुछ दिनों पहले एक छात्रा ने स्कूल की छत से कूदकर जान दे दी थी जिसमें हर रोज़ नए नए खुलासे सामने आ रहें हैं मृतक छात्रा की सीट के बगल में बैठने वाली उसकी सहेली ने घटना की हकीकत बयां की है। छात्रा ने कहा कि घटना के दिन यानी 31 जुलाई को छात्रा नॉर्मल थी। पांचवीं घंटी के दौरान अचानक उसे बुलाया गया। वह प्राचार्य कक्ष में गई। सातवीं घंटी के दौरान पूरे स्कूल में हल्ला होने लगा। इस शोर में हमें समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ है? कुछ लड़कियां बंदर के डर के कारण किसी छात्रा के गिरने का अनुमान लगा रही थी। अचानक स्कूल में छुट्टी कर दी गई। सामान्य तौर पर छुट्टी का समय दोपहर 2:30 बजे है। लेकिन, उस दिन दोपहर 2 बजे ही छुट्टी हो गई। सभी छात्राएं स्कूल से बाहर निकल गईं।
मृतक छात्रा के बारे में उसकी सहेली ने बताया कि वह पढ़ाई-लिखाई में अच्छी थी। शुक्रवार 28 जुलाई को पहली बार उसे बुलाया गया था। वह क्लास में वापस में लौटकर आई तो परेशान थी। उसने क्लास में टीचर से कहा था कि मेरी रेपुटेशन कैसे वापस आएगी? इसके बाद सोमवार 31 जुलाई को दोबारा उसे प्राचार्य कक्ष में बुलाया गया। शायद वह इसे सहन नहीं कर पाई। इसके बाद उसने खौफनाक कदम उठाया। उसने डर कर अपनी पहचान छिपा कर छात्रा इस घटना के बारे में जानकारी दी।
अभी ये मामला खत्म भी नहीं हआ था कि सोमवार को दोपहर बाद फिर से हादसा हो गया। इस बार स्कूल की बस और ट्रक में टक्कर हो गई जिसमें दर्जन भर से ज्यादा बच्चियां घायल हो गईं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चियों के अस्पताल इलाज के लिए रेफर किया गया घटना आजमगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र में घटी जिसके बाद मंगलवार को राजधानी समेत पूरे प्रदेश के निजी विद्यालय मंगलवार को बंद कर दिए गए हैं। स्कूलों में एक दिन पहले ही छुट्टी का ऐलान कर दिया गया था।

