उत्तर-पूर्व प्रदेश मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न कर घुमाने वाले वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्वतः संज्ञान लेने के मामले में आज सुनवाई नहीं होगी। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की तबियत खराब है जिसके वजह से आज वह कोर्ट नहीं पहुंचे। उनके उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई टल गई है क्योंकि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच को करनी थी।
इस मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्य सरकार की सहमति लेकर जांच सीबीआई को ट्रांसफर की जा रही है। मुकदमे का तेज निपटारा जरूरी है। केंद्र सरकार ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इस केस को मणिपुर से बाहर तबादला करने का आदेश दे और ट्रायल कोर्ट से कहे कि वह चार्जशीट के छह महीने के अंदर फैसला सुनाए।
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि हमें इन तस्वीरों से धक्का पहुंचा है। हिंसा प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं को सामान की तरह इस्तेमाल किया गया। अगर राज्य सरकार कार्रवाई नहीं करेगी, तो हम करेंगे।
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने वाला वीडियो काफी परेशान करने वाला है। यह समय है जब सरकार वाकई में काम करे। यह अस्वीकार्य है। बेंच ने कहा था कि किसी महिला का इस्तेमाल सांप्रदायिक विभाजन बढ़ाने के लिए नहीं किया जा सकता है। ये मानवाधिकार का सीधा-सीधा उल्लंघन है। ये लोकतांत्रिक संविधान के लिए ठीक नहीं है।

