प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्ष की बेंगलुरु बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन हो रहा है। उन्होंने कहा कि 24 के लिए 26 होने वाले राजनीतिक दलों का लेबल कुछ और माल कुछ है।
प्रधानमंत्री मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पोर्ट ब्लेयर के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के लोग 2024 के चुनाव में फिर एक बार हमारी सरकार वापस लाने का मन बना चुके हैं, निर्णय ले चुके हैं।
ऐसे में भारत की बदहाली के जिम्मेदार कुछ लोग अपनी दुकान खोलकर बैठ गए हैं। मोदी ने कहा, “इन्हें देखकर मुझे एक कविता की कुछ लाइनें याद आ गई है, जो अवधी भाषा में लिखी गई है – गाइत कुछ है, हाल कुछ है, लेबल कुछ है, माल कुछ है। 24 के लिए 26 होने वाले राजनीतिक दलों पर ये बिल्कुल सटीक बैठता है।”
उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लोकतंत्र और संविधान को अपना बंधक बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने आगे जोड़ा, नफरत है घोटाले हैं, तुष्टीकरण है मन काले हैं, परिवारवाद की आग के दशकों से देश हवाले है। उन्होंने कहा कि इनके लिए देश के गरीबों के बच्चों का विकास नहीं बल्कि अपने बच्चों और भाई-भतीजों का विकास मायने रखता है। इनकी एक ही विचारधारा और एजेंडा है अपना परिवार बचाओ, परिवार के लिए भ्रष्टाचार बढ़ाओ। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये जो जमात इकट्ठी हुई है, उनके कुनबे में बड़े से बड़े घोटालों पर, अपराधों पर इनकी जुबान बंद हो जाती है। जब किसी एक राज्य में इनके कुशासन की पोल खुलती है, तो दूसरे राज्यों के ये लोग फौरन उसके बचाव में तर्क देने लगते हैं।

