आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर सत्ताधारी पार्टी भाजपा को हराने की भरपूर कोशिश कर रही है। इसके लिए सभी पार्टियों ने बिहार की राजधानी पटना में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बैठक की थी और भाजपा के खिलाफ हुंकार भरी थी। इसके बाद दूसरी बैठक कल बेंगलुरु में होनी है जहाँ भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी।
विपक्ष को एकजुट होता देख भाजपा ने भी अब एनडीए का कुनबा बढ़ाने में जुट गयी है। इसके लिए भाजपा ने भी बिहार से शुरुआत कर दी है और पूर्व सहयोगी पार्टी रही लोकजन शक्ति पार्टी रामविलास को एनडीए की बैठक के लिए न्योता भेजा है। बता दें कि बिहार की एक और सहयोगी पार्टी जीतन राम मांझी की हम पार्टी को भी निमंत्रण भेजा है। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दलित आबादी पर खासा प्रभाव रखते है। भाजपा अपना दलित वोट नहीं खोना चाहती है। उसे साधने की भरपूर कोशिश कर रही है। इसके बाद भाजपा ने यूपी में अपनी धमक बरक़रार रखने के लिए सुभासापा को अपने पाले में कर लिया है। सुभासपा का पूर्वांचल में अच्छा खासा जनाधार माना जाता है।
18 जुलाई को एनडीए की बैठक
भाजपा के प्रयासों को देखते हुए कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरे विपक्ष पर अकेले भारी हैं तो भाजपा 30 दलों को एक साथ क्यों ला रही है ? उन्होंने कहा कि जिन दलों को भाजपा एनडीए का हिस्सा बता रही है। उनके नामों को भी सार्वजनिक करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए क्या वो दल चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं या नहीं ? उन्होंने कहा कि जो दल कांग्रेस के साथ हैं वो हमेशा साथ हैं। हम सब संसद के बाहर और अंदर मिलकर काम करते रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18 जुलाई को एनडीए की बैठक होगी। जबकि भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए 26 विपक्षी दल आज और कल बेंगलुरु में बैठक करेंगे। इन दौरान वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने को लेकर मंथन होगा।

