आज सावन मास की शिवरात्रि का दिन है। भगवान भोले के जयकारों से आसमान गूंज रहा है, मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है, कांवड का हुजूम बम बम भोले के जयकार लगाते हुए जल चढ़ाने के लिए निकल पड़े हैं।
कांवड के पीछे भी कहानी है कहा जाता है कि परशुराम ने पहली बार कांवड यात्रा की थी और उत्तर प्रदेश के बागपत के पास स्थित पुरा महादेव का जलाभिषेक किया था और जलाभिषेक करने के लिए भगवान परशुराम गढ़ से जल लेकर आए थे तब से कांवड यात्रा चली जा रही है।
आज सावन मास की पहली शिवरात्रि है आज शुभ समय में जल चढ़ाने से भोले बाबा से सच्चे मन से पूजा, जलाभिषेक करने से मनोकामना पूर्ण होती है तो सावन की दूसरी शिवरात्रि 14 अगस्त को पड़ेगी इस दिन भी कांवडिए महादेव पर जल चढ़ा सकते हैं क्योंकि ये अधिक मास की शिवरात्रि शुभ मानी जाती है।
सावन शिवरात्रि पर भगवान भोले को जलाभिषेक करने का शुभ समय सुबह 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। महाशिवरात्रि का अभिषेक करना चाहते हैं तो निशीथ काल में करना शुभ रहेगा। रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। आज बहुत हो शुभ वृद्ध योग और त्रयोदशी तिथि भी हैं। ऐसे में शिवरात्रि का आज का दिन बेहद ही उत्तम है।

