उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जाकर अधिकारी अपने ऑफिस के निकल कर देखें क्योंकि लगातार पहाड़ों पर हो ही तेज बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई, बिजनौर बैराज से रोज छोड़ा जा रहा पानी गंगा नदी उफान पर 5 गांव में घुसा पानी खाने पीने के लिए तरसे ग्रामीण, इंसानों के साथ-साथ पशु भी चारे के लिए परेशान प्रशासन से सुरक्षित जगह पहुंचाने की कर रहे मांग अभी तक नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अधिकारी।
आपको बता दें उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद की धनोरा तहसील में आने वाले गांव मोहसनपुर, रसूलपुर, रमपुरा, मुस्तकम ,पपसरी खादर में बाढ का पानी घुस गया और पानी ने पूरी तरह इन गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, गांवों के ग्रामीणों का जीवन बद से बदहाल हो गया, क्योंकि जैसे-जैसे बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा जाएगा इनकी हालत और भी बदतर होती चली जाएगी।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों को खाने पीने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीण प्रशासन से भी गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें गांव से निकाल कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाए, साथ ही पानी से हजारों बीघा फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई है बताते चलें कि अमरोहा जिले भर में 50 से 60 गांव ऐसे हैं जो हर साल बाढ़ के चपेट में आते हैं, इतनी परेशानी के बाद भी अभी तक प्रशासनिक किसी भी अधिकारी ने गांव वालों से जाकर हालत देखना उचित नहीं समझा। योगी आदित्यनाथ के आदेश को भी दरकिनार कर दिया है। बाढ़ खंड चौकी पर भी लटका ताला। डीएम राजेश कुमार त्यागी का कहना है कि जिन गांवों में बाढ़ आई है उनमें प्रशासन द्वारा नावो की व्यवस्था करा दी गई है।
ग्रामीण समरपाल ने बताया कि प्रशासन ने गांव के बाहर जो बांध है उसे नहीं बनवाया है इसलिए बरसात के मौसम में इन गांवों में पानी आता और हर साल हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है अभी तक प्रशासन की तरफ से किसी ने भी आकर नहीं देखा है और हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है हमें यहां से निकालकर कहीं सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए।

