देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। 45 सालों बाद यमुना का जलस्तर 208 मीटर पार पहुंच गया है। 12 जुलाई को जलस्तर 208. 08मीटर रिकॉर्ड किया गया, और गुरूवार की सुबह 13 जुलाई को पानी का स्तर 208.30 मीटर पहुंच गया।
यमुना नदी से सटे आस पास रह रहे लोंगो को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। वहीं सीएम केजरीवाल ने 12 जुलाई को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बैठक बुलाई और केंद्र से भी इस पर मदद मांगी। दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कश्मीरी गेट इलाके में किसी भी स्थिति में रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है।
दिल्ली यमुना नदी का उफान इसलिए भी ऊपर है क्योंकि हरियाणा के हथिनीकुंड के बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया हालांकि बता दें हथिनी कुंड बैराज से पिछले 24 घंटे में पानी छोड़ने की रफ्तार कम हुई है पिछले 24 घंटे में करीब 1.5 लाख क्यूबिक फीट प्रति सेकेंड (Cusec) की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है जबकि मंगलवार रात 9 बजे तक 3.50 लाख क्यूसेक पानी थोड़ा जा रहा था। इस लिहाज से दिल्ली में कल से जलस्तर घटना शुरू हो सकता है।
वहीं हिमाचल में बारिश का कहर जारी है 80 लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं, 100 मकान ध्वस्त हो चुके हैं। 1300 सड़के बंद कर दी गईं हैं और हिमाचल 1050 करोड़ का नुकसान हिमाचल हो चुका है। अभी भी 1500 के करीब पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। इन्हें बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दो हजार से अधिक ट्रांसफार्मर अभी भी खराब हैं और उन्हें ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते बुधवार को केदारनाथ यात्रा रोक दी गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे मौसम साफ होने के बाद ही आएं।

