हरदोई पुलिस का तुगलकी फरमान,अगवा किशोरी का 9 माह बाद आरोपी के साथ कराया जाए विवाह, प्रधान संघ अध्यक्ष और बेटे पर किशोरी को अगवा करने का आरोप,एसपी के निर्देश के बावजूद थानेदार ने नहीं किया मामला दर्ज
हरदोई पुलिस अब लॉ एंड आर्डर मेंटेन करने के अलावा कोर्ट का भी काम करने लगी है। किशोरी को अगवा किए जाने के मामले में थानेदार ने अगवा की गई किशोरी को आरोपी के साथ 9 माह बाद बालिग हो जाने पर शादी कराने का फैसला सुना दिया है। ये आलम तब है जब पीड़ित परिवार एसपी से मिला था और एसपी ने मामला दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रधान संघ के अध्यक्ष और उनके पुत्र पर किशोरी को अगवा करने का आरोप लगा है, राजनीतिक दबाव में स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई करने का आरोप लगा है।
टड़ियावां थाना के एक गांव निवासी प्रधान संघ के अध्यक्ष और उनके बेटे के खिलाफ किशोरी को अगवा कर उसकी हत्या की साजिश करने का आरोप लगा है, मामले में एसपी ने जो गाइड किया, टड़ियावां पुलिस ने उसे किनारे कर सियासी रसूख को तरज़ीह देते हुए अगवा करने की तहरीर को सुलह समझौता में तब्दील कर टड़ियावां पुलिस ने इस बात पर सुलह-समझौता करा दिया कि 9 महीने बाद प्रधान का बेटा किशोरी से शादी कर लेगा।
मामला टड़ियावां थाने के एक गांव का है। वहां की एक युवती थाना समेत एसपी के दरबार पहुंची। एसपी दरबार में उसने जो अर्ज़ी दी थी, उसमें बताया कि सुबह वह मंदिर गई हुई थी। उसकी छोटी बहन घर में अकेली थी, उसी बीच टड़ियावां ब्लॉक के प्रधान संघ के अध्यक्ष अविनाश त्यागी का बेटा अंकुर त्यागी उसकी बहन 17 वर्षीय किशोरी को बहाने से अपने साथ ले गया था।
युवती ने आरोप लगाया कि प्रधान और उसके बेटे ने अगवा कर हत्या की साजिश के तहत ऐसा किया। युवती की सारी बातें सुनने के बाद एसपी ने उसे टड़ियावां थाने भेजा और मामला दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। थाने पहुंचने के बाद युवती का आरोप है कि थानेदार ने उसे बाहर भगा दिया और सियासी रसूख के दबाव में प्रधान और उसके बेटे को बचाते हुए उसकी बहन से देर रात इस शर्त पर सुलह-समझौता करा लिया की 9 महीने बाद प्रधान अविनाश त्यागी उसे अपनी बहू स्वीकार कर लेंगे। हालांकि इस बारे में एसएचओ टड़ियावां अशोक कुमार सिंह का कहना है कि मामला प्रेम-प्रसंग का है। प्रेमिका और उसका प्रेमी शादी करना चाहता है। इस लिए कुछ महीने की मोहलत दे दी गई है।
वहीं इस मामले में सीओ हरियावाँ शिल्पा कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में है, उक्त मामले में थाना प्रभारी टड़ियावां से बात कर लीजिए। सवाल बड़ा ज़रूर है कि जो युवती को बरामद करने के बाद कोर्ट में पेश क्यों नहीं किया गया।

