UCC देश के लिए काफी चर्चा का विषय बना हुआ। अभी कुछ समय पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने बयान दिया था कि वो यूनिफॉर्म सिविल कोड पर अपना समर्थन दिया है. लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूसीसी का विरोध नहीं करती है। अब बसपा सुप्रीमो मायावती समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चंद दिनों पहले दिए गए बयान से पलट गई हैं।
बसपा चीव मायावती ने कहा भाजपा सरकार यूसीसी को देश पर जबरदस्ती थोपना चाहती है। इसकी देश में वर्तमान हालात के देखते हुए न जरूरत है और न ही इसकी उपयोगिता। मायावती ने शनिवार को चंडीगढ़, हरियाणा व पंजाब राज्य के पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह बातें कहीं।
मायावती ने सुझाव दिया कि भाजपा सरकार को यूसीसी जैसे गैर अनिवार्य काम पर शक्ति व संसाधन खर्च करने के बजाय महंगाई पर अंकुश लगाने पर ध्यान देना चाहिए। मौजूदा हालात को देख कर लग रहा है कि लोकसभा व कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव समय से पहले हो सकता है। इसलिए कार्यकर्ता पार्टी को जिताने के लिए जुट जाएं

