साल 2024 के लोकसभा चुनाव का बिगुल देश में इन दिनों बजा हुआ है सभी पार्टियां महाभारत के युद्ध की तरह रणनीति तैयार कर रहीं हैं। बसपा की सुप्रीमो मायावती जहां काफी समय से खामोश और खोई हुईं थी लेकिन अभी कुछ महीने पहले बसपा को नगर पंचायत चुनाव में जीत मिली तो उसके बाद से मायावती काफी एक्टिव मोड में आ गईं हैं।
बी.एस.पी. प्रमुख मायावती द्वारा यूपी स्टेट, सभी मण्डल व सभी जिला कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम बैठक में यूपी व देश के बदलते हालात एवं संबंधित खास घटनाक्रमों आदि पर रणनीतिक चर्चा के साथ ही पार्टी संगठन की मजबूती तथा बी.एस.पी. के जनाधार को हर स्तर पर बढ़ाने आदि की जिलावार प्रगति रिपोर्ट लेकर आगे नये जरूरी दिशा-निर्देशों पर निष्ठापूर्वक अमल करने की हिदायत दी।
लोकसभा आम चुनाव की तैयारियों को लेकर भी आगे के कार्यक्रम दिये गये। इसी संदर्भ में बीजेपी सरकार के कार्यकलापों तथा बदलते राजनीतिक हालात व उससे निपटने के लिए विपक्षी पार्टियों की जारी गतिविधियों पर भी पूरी नज़र रखने को कहा। साथ ही, यूपी के करोड़ों लोगों के जीवन में भी ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा, अशान्ति, तनाव, महिला असुरक्षा व उत्पीड़न तथा बिजली-पानी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव जैसी दिन-प्रतिदिन की अनवरत विकट समस्याओं से त्रस्त जीवन के प्रति कथित यू.पी. बीजेपी सरकार की लगातार अनदेखी पर चिन्ता व्यक्त की।
जबकि इन कमियों पर से लोगों का ध्यान बांटने के लिए बीजेपी व इनकी सरकारें जातिवादी, साम्प्रदायिक व धार्मिक विवादों / उन्मादों को जानबूझकर पूरी छूट व शह दे रही है, जिस कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की प्रगति भी प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से प्रभावित हो रहा है।
देश का निर्यात घटने के कारण व्यापार घाटा पिछले पाँच महीने के निचले स्तर पर पहुँचना सभी के लिए चिन्तनीय इसीलिए खासकर यूपी सहित विभिन्न बीजेपी सरकारों को कथित लव जिहाद, लैण्ड जिहाद, धर्मान्तरण, मजार व स्कूल / कालेज विध्वंस, मदरसा जाँच, बुलडोजर राजनीति तथा धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नफरती / संकीर्ण बयानों व कार्रवाईयों आदि से बचना होगा ताकि देश भर में व्याप्त तनाव व दहशत का माहौल समाप्त हो और देश मजबूती से आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़ सके।

