Twitter के को-फाउंडर Jack Dorsey ने एक इंटरव्यू में पीएम मोदी की सरकार को लेकर एक बड़ा दावा किया है कि उनकी कंपनी के पास रिक्वेस्ट आई थी जिसमें किसान आंदोलन को कवर करने वाले अकाउंट को ब्लॉक करने को कहा गया था. साथ ही उन अकाउंट को भी बंद करने के लिए रिक्वेस्ट आई थीं, जो आंदोलन के लिए सरकार का विरोध कर रहे थे।
अब आप तो जानते हैं सरकार के खिलाफ कोई भी बात उठती है उसमें विपक्ष अपनी टांग घुसाए बिना रह ही नहीं सकता Jack Dorsey के दावों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। वहीं भाजपा ने Dorsey के बयान और विपक्ष के हमलावरों पर करार पलटवार करते हुए पीएम मोदी की सरकार के केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा ये सब जो Dorsey ने बयान दिए हैं वो सब झूठे हैं।
राजीव चंद्रशेखर ने उल्टा ट्विटर पर ही आरोप लगा दिए और कहा कि ट्विटर ने हर बार भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया है। दरअसल Twitter पर कंटेट मॉडरेशन के आरोप लग चुके हैं। जब Twitter की डील हुई और मालिक एलन मस्क बने तो उन्होंने पॉलिसी हेड विजया गाड्डे को कंपनी से बाहर निकाल दिया था और कर्मचारियों के सामने उन्हें टारगेट भी किया था।
ट्विटर उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाने का फैसला लिया। वहीं डोर्सी ने 29 नवंबर 2021 को Twitter CEO पद से इस्तीफा दे दिया था।

