आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर एऩसीपी ने अपने संगठन में बहुत बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आज यानी शनिवार को बेटी सुप्रिया सुले और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को पार्टी की बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। पवार ने पार्टी की स्थापना दिवस पर इन दोनों नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया है। वही शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार को नजरअंदाज कर दिया।
बता दें कि पार्टी के इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि पार्टी में दो लोगों को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दोनों के कामों का बंटवारा किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल के बीच लोकसभा और राज्यसभा के कार्यों को विभाजित किया गया है। चुनाव नजदीक होने के कारण उनके कंधों पर ज्यादा जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह 2024 के लोकसभा चुनाव के काम को संभालने के लिए है।
बहरहाल, पार्टी में नजरअंदाज किए गए एनसीपी नेता अजित पवार ने ट्वीट करके सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना दिवस पर शरद पवार साहेब के नेतृत्व में सांसद प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुप्रिया सुले को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर चुना गया है। इनके अलावा सांसद सुनील तटकरे, डॉ. योगानंद शास्त्री, के.के. शर्मा, पी.पी.मोहम्मद फैजल, नरेंद्र वर्मा, जितेंद्र आव्हाड, एस.आर. कोहली, नसीम सिद्दिकी को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन सभी सहयोगियों का दिल से अभिनंदन। यह विश्वास है के ये सभी सहयोगी पवार साहेब के भरोसे पर खरे उतरेंगे।

