एक महीने से देश के पहलवानों का बृजभूषण के खिलाफ यौन शोषण को लेकर हल्ला बोल जारी है 23 अप्रैल से पहलवान जंतर मंतर पर धरने पर बैठे थे उसके बाद 28 मई को पहलवानों ने शांति पूर्वक नए संसद की तरफ कूच किया और जंतर मंतर से उनका धरना तमाम बवाल के बाद हट गया।
वहीं पहलवानों के पीछे हटने की खबर सामने आई तो साक्षी मलिक ने ट्विट कर लिखा कि ये खबर बिलकुल ग़लत है। इंसाफ़ की लड़ाई में ना हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा। दरअसल खबर ये भी सामने आई कि लड़ाई छोड़कर साक्षि मलिक ने अपना नाम इस आंदोलने से हटाकर रेल की अपनी जॉब को ज्वाइन कर लिया है तो इस पर भी साक्षी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि हममे से कोई भी पीछे नहीं हटा है, सत्याग्रह की ये लड़ाई बृजभूषण के खिलाफ हम रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी के साथ न के साथ निभाएंगे।

साक्षी ने कहा कि कोई भी गलत खबर ना चलाएं हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता, केवल साक्षी ही नहीं विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया के भी इस सत्याग्रह की लड़ाई से हटने की खबरें आईं लेकिन उन्होनें भी इसका खंडन किया। बजरंग पूनिया ने लिखा आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं। ये खबरें हमें नुक़सान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है।

पहलवानों की ये जंग की लड़ाई में मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है जिस नाबालिग पहलवान ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था उसने अपने बयान को वापस ले लिया है, अब सूत्रों से ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या ऐसा भी हो सकता है कि बृजभूषण ने ही उस नाबालिग पहलवान पर आरोप वापस लेने का दबाव बनाया या इस मामले में कोई और बात है अब ये तो आगे आने वाला वक्त बताएगा जब ये गुत्थी को सुलझाया जाएगा।
पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) और बजरंग पुनिया रेलवे में अपनी नौकरी पर वापस लौट गए हैं. ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) भारतीय रेलवे में ओसीडी (खेल) के पद पर नियुक्त हैं हालांकि उन्होंने साफ किया कि वे विरोध से पीछे नहीं हट रहे हैं। साक्षी मलिक ने सोमवार (5 जून) को कहा, “हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, यह एक सामान्य बातचीत थी, हमारी केवल एक ही मांग है और वह है उन्हें (बृजभूषण सिंह) गिरफ्तार करें।”

