केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अभी हाल ही हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर का दौरा किया है और राज्य में शांति की अपील भी की है। गृहमंत्री ने कहा था जो भी राज्य की शांति भंग करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपील करते हुए कहा था कि हथियार रखने वाले लोग अपने हथियारों को स्थानीय पुलिस को सौंप दें। इसके बाद शांति और निरस्त्रीकरण को लेकर लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।शाह की सख्त चेतावनी के बाद राज्य में हथियारों और गोला-बारूद के पुलिस को सौंपने में तेजी आई है। बता दें कि राज्य के कई जिलों में लोगों ने 144 हथियार अपनी इच्छा से पुलिस के पास जमा कराए हैं। सौंपे गए हथियारों में कई अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में मणिपुर में जातीय संघर्ष की वजह से बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार झड़पों के दौरान भीड़ ने सरकारी शस्त्रागार से बड़ी संख्या में दो हजार हथियार लूट लिए थे। इसके बाद पुलिस इन हथियारों को बरामद करने के लगातार प्रयास कर रही है, अब तक 605 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। बाद में उग्रवादी समूहों, राज्य सरकार और केंद्र के बीच त्रिपक्षीय समझौते के तहत सहमति बनी थी कि सभी हथियारों को जमा करा दिया जाएगा। दरअसल, वहीं दूसरी ओर इस साल की शुरुआत में राज्य सरकार ने कुछ समझौतों को एकतरफा वापस लेने के बाद स्थिति जटिल हो गई थी।

