जंतर मंतर पर चल रहे पहलवानों का एक महीने से कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण के खिलाफ धरना दे रहे पहलवानों ने 28मई को संसद की ओर शांति मार्च निकाला तो दिल्ली पुलिस और पहलवानों में जबरदस्त भिंड़त हुई जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया पर केस दर्ज कर दिया है।
एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि नया इतिहास लिखा जा रहा है। फोगाट ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, “दिल्ली पुलिस को यौन शोषण करने वाले बृज भूषण के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगते हैं और शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर हमारे ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 घंटे भी नहीं लगाए। क्या इस देश में तानाशाही शुरू हो गई है ? सारी दुनिया देख रही है सरकार अपने खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव कर रही है. एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।”
रविवार (28 मई) को प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने संसद भवन के सामने महिला सम्मान महापंचायत का ऐलान किया था। पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद पहलवानों ने संसद की तरफ एक ‘शांतिपूर्ण मार्च’ किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होनें 700 लोंगो को हिरासत में लिया था वहीं, तीनों पहलवानों समेत 109 को जंतर मंतर से हिरासत में लिया गया हालांकि शाम को ही विनेश फोगट, साक्षी मलिक समेत सभी महिला प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया। वहीं सोशल मीडिया पर एक फोटो भी काफी ट्रेंड कर रही है जिसमें फोगाट बहनों को जब हिरासत में लिया गया और बस में बैठाया गया तो परेशान चेहरे को एडिट कर के मुसकुराता हुआ दिखाया गया जिसके बाद बजरंग ने कहा, ‘आईटी सेल के लोग इस फोटोशॉप तस्वीर को फैला रहे हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस फर्जी तस्वीर को पोस्ट करने वाले सभी लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी।’ उनके पोस्ट को विनेश और अन्य प्रदर्शनकारी पहलवानों ने रीट्वीट भी किया है।

