पीएम मोदी के नेतृत्व में आज भारत नए स्वरूप में दिख रहा है इसका उदाहारण आज यानि 28 मई को देश को नए संसद भवन का मिलना एक गौरवशाली , ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए यादगार के रूप में दर्ज रहेगा। नए संसद भवन में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि पूरा देश आज इस पल का गवाह बन रहा है। मैं पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिनके नेतृत्व में 2.5 साल के भीतर इस नई संसद का निर्माण हुआ।
बिड़ला ने कहा कि नए वातावरण में नए विचारों का सृजन होगा। ऐसा मेरा विश्वास है। यह भवन ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, ग्रीन वातावरण, कला संस्कृति, वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इस भवन में प्रत्येक भारतीय को अपने राज्य की संस्कृति की झलक दिखेगी उन्होंने कहा कि हम संसद में जब नए भवन में प्रवेश करें तो नए संकल्प के साथ हम लोकतंत्र की नई परंपराओं को आगे बढ़ाएं. हम गरिमा के नए मानदंड स्थापित करें।
इसके बाद पीएम मोदी ने संबोधन किया और कहा आज देश के लिए कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो कि इतिहास में अमर हो जाते हैं। मैं सभी देशवासियों को भारतीय लोकतंत्र के इस स्वर्णिम क्षण की बधाई देता हूं। ये सिर्फ एक भवन नहीं, 140 करोड़ भारतवासियों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है। ये विश्व को भारत के दृढ़ संकल्प का संदेश देता हमारे लोकतंत्र का मंदिर है।
The new Parliament House is a reflection of the aspirations of new India. https://t.co/qfDGsghJgF
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2023
पीएम ने आगे कहा कि आज नया भारत नए लक्षय तय कर रहा है नए जोश के साथ नए नए कीर्तिमान को स्थापित कर रहा है। आज का भारत नई सोच के साथ नई दृष्टि के साथ नए संकल्प के साथ और नए विश्वास के साथ उंचाइयों की तरफ बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने सेंगोल को लेकर कहा कि ये राजदंड कर्तव्य पथ, सेवा पथ, राष्ट्र पथ का प्रतीक है और देश के नए संसद भवन के लोकसभा में इसकी स्थापना देश के लिए गौरवशाली बात है। पीएम ने कहा कि हमारा संविधान ही हमारा संकल्प है। जो रुक जाता है, उसका भाग्य भी रुक जाता है. जो चलता रहता है, उसका भाग्य भी चलता रहता है। इसलिए चलते रहो गुलामी के बाद हमारे भारत ने बहुत कुछ खोकर अपनी नई यात्रा शुरू की थी। वो यात्रा कितने ही उतार-चढ़ाव से होते हुए, कितनी ही चुनौतियों को पार करते हुए आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुकी है।

