देश के लिए 28 मई का दिन ऐतिहासिक पल है कि नए संसद भवन का उद्घाटन और भारत का राजदंड सेंगोल नए संसद भवन के लोकसभा में स्पीकर की चेयर के पास स्थापित किया गया। पीएम मोदी की वजह से देश के नाम का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। भारत की ताकत प्रधानमंत्री की वजह से आज उच्च शिखर पर पहुंच रहा है।
अब आप इस बात को जानते हैं कि जहां भारत में कोई भी अच्छा काम बिना किसी बवाल के पूरा नहीं होता। विपक्ष नए संसद का उद्घाटन पीएम मोदी के हाथों से होने को लेकर निशाना साधे हुए थे और कांग्रेस समेत 20 विपक्षी पार्टियों ने इसके बहिष्कार का ऐलान किया था लेकिन पीएम मोदी ने सभी बातों को नजरअंदाज कर के अपने कर्म और कर्तव्य को पूरा किया और देश के लिए एक अविस्मरणीय पल बना दिया नए संसद भवन का उद्घाटन कर के।
अब इस रंग में एक भंग और पढ़ गया है RJD ने नए संसद भवन की तुलना ताबूत से कर दी है जिसके बाद अब ये नया बखेड़ा खड़ा हो गया लेकिन भाजपा ने इसका भी पलटवार करते हुए राजद को करारा जवाब दे डाला है।
बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि आज भले ही सभी दलों के लोगों ने भवन बहिष्कार किया हो, लेकिन कल सदन की कार्यवाही तो वहीं चलने वाली है। क्या राष्ट्रीय जनता दल ने यह तय कर लिया है कि वे नए संसद भवन का स्थायी रूप से बहिष्कार करेंगे? क्या वे लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे? ताबूत का चित्र दिखाना इससे ज़्यादा अपमानजनक कुछ नहीं है।
राजद के बयान से मचा बवाल
RJD के नए संसद भवन की तुलना ताबूत से करने को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है लेकिन भाजपा भी कहां पीछे हटने वालों में से है। राजद के इस बयान पर भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि लालू यादव की पार्टी ने संसद भवन की तुलना ताबूत से की है। आज वो उसकी तुलना एक ताबूत से कर रहे हैं, क्या वो पुरानी संसद की तुलना जीरो से कर रहे थे? हम पहले शून्य में बैठे थे।

