गाजीपुर के जहुराबाद विधानसभा से विधायक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अपनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मांगलिक कार्यक्रम में शरीक होने पहुंचे। जहां उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्ष द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का विरोध किए जाने पर विपक्षी नेताओं को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं का दलित प्रेम उछल उछल कर सामने आ रहा है, जबकि यही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जब हमने वोट किया था तो यही लोग हमसे सवाल पूछ रहे थे, आज दलित प्रेम बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि तब दलित प्रेम कहां था, जब एक दलित महिला को राष्ट्रपति बनाना था, तब तो सामान्य वर्ग की बात हो रही थी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विरोध करने के लिए हो रहा है। अगर विरोध करना ही है तो यह सारा विपक्ष एक क्यों नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि जिसकी सत्ता है उसको अधिकार है वह चाहे जो करें, संसद का उद्घाटन करे या कुछ और।
सुभासपा सुप्रीमो राजभर ने विपक्ष के विरोध को कटघरे में खड़ा करते हुऐ कहा कि अखिलेश अलग चिल्ला रहे है, मायावती जी अलग बोल रही हैं, सोनिया जी भी अलग है, लालू – नीतीश, ममता और केसीआर भी अलग विरोध कर रहे हैं। इस तरह विरोध से क्या होगा, सब लोग एकजुट होकर क्यों नहीं एक हो जाते। उन्होंने 2000 के नोट बंदी पर कहा कि सरकार को 500 के भी नोट बंद कर देनी चाहिए, जिससे कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नोट ₹100 का ही होना चाहिए।

