उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्षी दलों के बहिष्कार को अनुचित बताया है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार के पक्ष में बोलते हुए एक-एक कर तीन ट्वीट किए हैं।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि बसपा ने देश में जनहित मुद्दों पर हमेशा सभी का समर्थन किया है चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की। 28 मई को संसद के नए भवन के उद्घाटन को भी पार्टी इसी संदर्भ में देखते हुए इसका स्वागत करती है।
बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्ष को आईना दिखते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटन नहीं कराए जाने को लेकर बहिष्कार अनुचित है। संसद भवन को सरकार ने बनवाया है। इसके उद्घाटन का अधिकार भी सरकार को ही है। मायावती ने कहा कि इस मामले को आदिवासी महिला के सम्मान से जोड़ना भी अनुचित है। यह उन्हें निर्विरोध न चुनकर उनके विरुद्ध उम्मीदवार खड़ा करते वक्त सोचना चाहिए था।
मायावती ने अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि देश को समर्पित होने वाले कार्यक्रम अर्थात नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण मुझे मिला है, किंतु बैठकों में व्यस्तता होने के कारण मैं उसमें शामिल नहीं हो पाऊंगी। कार्यक्रम की शुभकामनाएं।
गौरतलब है कि देश के कई विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से नए संसद भवन का उद्घाटन नहीं कराए जाने को गलत ठहराते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।

