नए संसद भवन को लेकर बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 28 मई को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन होना है लेकिन इसको लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई है पहले कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों होना चाहिए ना कि पीएम मोदी के हाथों और अब सभी विपक्षी दलों ने समारोह को लेकर सामूहिक बहिष्कार का ऐलान किया लेकिन इसमें भी भंग पड़ गया है क्योंकि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि अगर देश की नई संसद वन का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तान के पीएम करेंगे?
नए संसद भवन को लेकर छिड़ी सियासी जंग
नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर सियासी बवाल ऐसा मचा पड़ा है। जहां 19 विपक्षी दलों ने समारोह को लेकर सामूहिक बहिष्कार का ऐलान किया तो 4 विपक्षी दल थाली में रखे बैंगन की तरह पलटबाजी मार गए, अब इतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता जितनी जल्दी इन 4 विपक्षी दलों ने रंग बदला है। बता दें पंजाब की राजनीतिक पार्टी अकाली दल इस कार्यक्रम का हिस्सा होगी, इसके अलावा ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल भी इस उद्घाटन समारोह का हिस्सा होने जा रही है। वहीं जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP भी इस कार्यक्रम में शामिल होगी। इसके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी।

