आजकल देश में समाजिक मुद्दों के इतर एक अलग ही बहस छिड़ी हुई है। बहस इस बात पर छिड़ी हुई है कि सेक्यूलर देश भारत को हिंदू राष्ट्र का दर्जा दिया जाए। कई राजनेता भी इसकी वकालत कर चुके हैं। इसके अलावा देश के कई धार्मिक संगठन भी इसकी मांग जोर शोर से कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस को बयान जारी करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा की देश में दो शक्तियां ऐसी है जो देश को तोड़ने और देश में नफरत फ़ैलाने का काम कर रही है, पहले वो व्यक्ति हैं जो धर्म का चोला पहनकर अपना सियासी वजूद कायम करने में लगे हुए हैं, जो बागेश्वर धाम के बाबा धीरेन्द्र शास्त्री है और दूसरे व्यक्ति का नाम श्री स्वामी प्रसाद मौर्य है जो समाजवादी पार्टी के महासचिव है।
भारत भविष्य में 500 साल तक हिन्दू राष्ट्र नहीं बन सकता
मौलाना ने कहा इनमें एक व्यक्ति भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का आंदोलन चला रहा है, जगह जगह विशाल जनसभाएं की जा रही है और दूसरा व्यक्ति देश की बहुसंख्यक आबादी की आस्था वाली किताब रामचरित्रमानस की तौहीन करता फिर रहा है। सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किताब के पन्नों को जलाया जा रहा है। ये तमाम घटनाएं दो समुदाय के दरमियान सम्प्रदायिक दंगा कराने की साजिश रची जा रही है और देश के अंदर नफरत फ़ैलाने, समाजिक ताने बाने को बिखेरने और देश को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
मौलाना बरेलवी ने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि इन दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और इनकी नफरत फ़ैलाने वाली सभाओं पर प्रतिबंध लगाया जाए और साथ ही इस बात की जांच कराई जाए की इनके पीछे कौन सी ताकतें हैं जो देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने कर तुली हुई है। उन्होने आगे कहा मैं दावे से कहता हूं कि भारत भविष्य में 500 साल तक हिन्दू राष्ट्र नहीं बन सकता है, ये देश जम्हूरियत में भरोसा रखने वाला है।

