राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाए जाने के बाद देश की राजनीति बदली बदली नजर आ रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल लगातार कोशिश कर रहे है कि इस अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष उनका साथ दें। वे इसके लिए जी तोड़ मेहनत भी कर रहे है। मुख्यमंत्री केजरीवाल लगातार अलग अलग विपक्षी पार्टी के अध्यक्षों से मुलाकात कर रहे है। इसी कड़ी में आज उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात किए और राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश के खिलाफ वोटिंग करने की गुजारिश की। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा भी मौजूद रहे।
ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारी सारी शक्तियां छीन ली है। उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार सीबीआई का गलत इस्तेमाल करके पूरे देश भर में विपक्ष की सरकारों को परेशान करने का काम कर रहे हैं। जहाँ बीजेपी की सरकार नहीं होती है वहां वे राजयपाल के जरिए शासन चलाने की कोशिश करती है। केजरीवाल ने दावा किया कि हमारी सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे में इस अहंकारी सरकार को हटाना जरूरी है।
ममता बनर्जी ने क्या कहा ?
वहीं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली सरकार के खिलाफ केंद्र के लाए गए अध्यादेश का पार्टी विरोध करेगी। हम इस मुद्दे पर सभी दलों से साथ आने की अपील करते हैं। बनर्जी ने कहा कि सभी पार्टी राज्यसभा में इसके खिलाफ वोट करें।
दरअसल केजरीवाल दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण पर अध्यादेश को लेकर केंद्र के खिलाफ अपनी सरकार की लड़ाई में विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं।

