उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव के नतीजे जैसे ही घोषित हुए वैसे ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे भी घोषित हो गए थे,आपको बता दें की यूपी में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने ऐसा छक्का मारा की बसपा सपा के तोते ही उड़ गए।
दरअसल नगर निकाय चुनावों में पार्टियों ने साम दाम दंड भेद कर ही दिया था लेकिन फिर भी मुँह खानी पड़ी,भाजपा की करारी जीत के बाद मानो सपा बसपा इतना बौखला गई की ताबड़तोड़ बैठकें करने लगी इतना ही नहीं अपनी अपनी पार्टियों के कार्यकर्ताओं की क्लास अच्छे से लगा दी..
बसपा प्रमुख मायावती ने अपनी बैठक में अपने कार्यकर्ताओं से अपील की वोट तुम्हारा राज हमारा अब नहीं चलेगा तो वंही सपा प्रमुख अखिलेश यादव तो मानो हमेशा घोड़े पर सवार रहते हैं जिसके चलते लगातार भाजपा पर ज़ुबानी हमले करते रहते हैं साथ ही आने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर अखिलेश यादव भी अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षत करने जा रहे हैं…
अब नगर निकाय चुनाव का युद्ध तो खत्म हुआ लेकिन हाल ही में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव ने मानो पूरे देश में सियासत काफी गरम कर दी हैं तो वंही कांग्रेस के सत्ता में आने पर खोटा सिक्का समझने वाली पार्टीयाँ भी अब कांग्रेस के समर्थन में आती हुई नज़र आ रही हैं…
घंटो के ड्रामे के बाद फाइनली कर्नाटक के मुख्यमंत्री का चयन हुआ जिसके चलते सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया आपको बता दें की 20 मई यानी बीते दिन सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जिसके बाद मानो राजनितिक पार्टियां अपनी अपनी रोटियां सेकने चली आयी..
दरअसल कार्यक्रम के बाद यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया है,बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस पर कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चुनते समय ‘जातिवादी मानसिकता’ के कारण दलितों और मुसलमानों की उपेक्षा करने का शनिवार को आरोप लगाया,अब क्योंकि मायावती जी का मुस्लिमों के प्रति थोड़ा ज़्यादा लगाव रहता है या यूँ कह लो की मायावती का ये वोटबैंक हैं तो ऐसे में वह चुप तो नहीं बैठ सकती थी,दरअसल मायावती ने कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हल्ला बोला और ट्वीट करते हुए कहा कि, “कर्नाटक विधानसभा चुनाव उपरान्त मंत्रिमण्डल में श्री डी के शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने अपनी अन्दरुनी कलह को थोड़ा दबाने का प्रयास किया है, किन्तु दलित व मुस्लिम समाज की उपेक्षा क्यों, जबकि इन दोनों वर्गों ने एकजुट होकर कांग्रेस को वोट देकर विजयी बनाया।”लेकिन बजाय इसके कांग्रेस ने इनके साथ भी बेईमानी कर दी,मतलब क्या कांग्रेस किसी की भी सगी नहीं हैं…
आपको बता दें कि चुनावी जीत के बाद कांग्रेस में सीएम पद को लेकर मंथन चल रहा था. उसी बीच राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने मुस्लिम समाज के लिए डिप्टी सीएम पद की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि राज्य में कांग्रेसी जीत में मुस्लिम समाज का बड़ा योगदान रहा है. इसलिए मुस्लिम समाज से डिप्टी सीएम बनाना चाहिए…
इतना ही नहीं मायावती ने आगे कहा कि, “कांग्रेस द्वारा कर्नाटक में सीएम पद के लिए दलित समाज की उठी दावेदारी को पूरी तरह से अनदेखी करने के बाद अब किसी भी दलित व मुस्लिम को डिप्टी सीएम नहीं बनाना यह इनकी जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है मतलब ये वो धोकेबाज़ लोग हैं जो इस वर्ग को केवल अपने खराब दिनों में ही याद आते हैं और अंत में कहा की ये लोग सतर्क रहें क्योंकि जनता सब देख रही हैं…
तो वंही बदले बदले सरकार नज़र आते हैं ये लाइन इन दिनों अखिलेश यादव पर बिलकुल फिट बैठ रही हैं क्योंकि कभी कांग्रेस से कन्नी काटने वाले कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा या गठबंधन के सवाल पर मीडिया को डांटने वाले अखिलेश के तेवर अब कांग्रेस के फेवर में दिखाए दे रहे हैं इतना ही नहीं अखिलेश एक के बाद एक सियासी संकेत भी लगातार दे रहे हैं अब ज़रा इस ट्वीट को ही देख लीजिये..
दरअसल सपा प्रमुख ने शनिवार देर शाम कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को बधाई देते हुए ट्वीट किया है, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में श्री सिद्धरमैया जी और उपमुख्यमंत्री के रूप में श्री डीके शिवकुमार जी को शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.” इसी ट़वीट में उन्होंने कहा है, ”आशा है नया नेतृत्व नये कर्नाटक का निर्माण करेगा।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का बम्पर कमबैक होने के बाद मानो अखिलेश के हालात बदल गए जज़्बात बदल गए..
सूत्रों की माने तो आने वाले 2024 लोकसभा चुनावों से इन्हे जोड़ा जा रहा हैं अब क्योंकि लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने अपनी अपनी रणनीति तैयार कर ली हैं तो वंही यह भी तैयारी कर ली हैं की कैसे और कब किसके साथ गठबंधन करना हैं और किसे दूध में पड़ी हुई मक्खी की तरह बाहर फेकना हैंऔर यह देखना काफी दिलचस्प होगा की अखिलेश और मायावती की यह बदलाव की रणनीति कहाँ तक काम आएगी।

