RBI ने शुक्रवार की शाम यानि 19 मई को देश में 2000 के नोट के चलन को बाहर करने का ऐलान किया था जिसके बाद से सियासी हलचल जारी है। विपक्ष लगातार भाजपा पर हमलावर है। कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नोट बंद ही करना था तो लाए क्यों थे। ऐसे फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने की जगह कमजोर होती है। पहले तो बीजेपी बिना सोचे समझे 2000 का नोट लाती है और फिर नोटबंदी कर के आम लोगों को परेशान करना इनका मकसद बन गया है।
वहीं अब राजस्थान के पूर्व सीएम सचिन पायलट ने भी भाजपा के खिलाफ निशाना साधा है कि दूसरी बार नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था में भूचाल लाना है। इसके साथ ही उन्होनें ये सवाल खड़ा किया RBI ने 2000 को नोटों को बंद करने के पीछे का कारण क्या है?
करेन्सी व उसकी विश्व बाजार में कीमत का सम्बंध देश का हित व प्रतिष्ठा से जुड़ा होने के कारण इसमें जल्दी-जल्दी बदलाव करना जनहित को सीेधे तौर पर प्रभावित करता है। इसीलिए ऐसा करने से पहले इसके प्रभाव व परिणाम पर समुचित अध्ययन जरूरी। सरकार इस पर जरूर ध्यान दे।
— Mayawati (@Mayawati) May 21, 2023
बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी को लेकर भाजपा के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया तो दी लेकिन बहुत ही नरम तरीके से उन्होनें कहा करेंसी के यूं जल्दी जल्दी बदलाव से जनहित को प्रभावित कर सकता है। सरकार को इस बात का ख्याल रखना चाहिए।
वहीं अखिलेश यादव ने तो सीधा सीधा मूफट होकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि इस दूसरी नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था भुगत रही है और भुगतेगी शासन मनमानी से नहीं समझदारी से चलता है। नोटबंदी के बाद से ट्विटर पर विपक्ष लगातार भाजपाइयों और पीएम मोदी के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल चुका है।

