सीएम योगी के विकास कार्यों की तो चर्चाएं हैं ही इसके साथ साथ उनके धार्मिक कार्यों को लेकर भी काफी चर्चाएं बनी हुईं हैं। अयोध्या में राम मंदिर, कान्हा की नगरी मथुरा को कई विकास योजनाएं लोकार्पण और शिलान्यास और बाबा विश्वनाथ धाम की व्यवस्था को बेहतर सीएम योगी ने किया है और उनके इस मॉडल से अब जम्मू कश्मीर भी कायल हो गया है।
योगी बाबा के धार्मिक मॉडल विकास को लेकर जम्मू कश्मीर के लोग इतने प्रभावित हो गए हैं कि यही कारण है कि माता वैष्णो देवी के दरबार से बाबा विश्वनाथ धाम की व्यवस्था देखने श्राइन बोर्ड के 4 सदस्यों की टीम काशी आ रही है। बाबा विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद काशी में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
बीते साल 7.35 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाया था। योगी सरकार के सुशासन और बनारस मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है ,जिससे वाराणसी में पर्यटकों की संख्या निरतंर बढ़ती जा रही है। समय-समय पर अन्य प्रदेशों के लोग काशी और बाबा विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन करने आ रहे हैं। इसमें कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को धरातल पर उतारने के बाद योगी सरकार की बनारस के विकास मॉडल की तारीफ पूरे देश भर में हो रही है। यही कारण है कि मां वैष्णों के श्राइन बोर्ड के 4 सदस्य हैं जो 17 मई 2023 से 19 मई 2023 तक धाम की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेंगे।

