मां एक छोटा शब्द लेकिन गहराई इतनी की व्याख्या हम आप करने लग जाएं तो शब्द कम पड़ जाएं। मां वो है जो घर को जन्नत बनाती है, परिवार को पूरा करती है मां। खुद चाहें कम खाना खा लेती है लेकिन परिवार को भर पेट खाना खिलाना वो बखूबी जानती है। मतलबी दुनिया में एक मां ही होती है जिसका प्यार, फिकर सच्चा होता है। बच्चे बीमार पड़ जाएं तो पूरी रात जागकर ख्याल केवल मां रखती है, हर बुरी नजर से वो अपने बच्चों को बचाती है। इसके साथ ही वो अपने बच्चे को स्ट्रांग भी बनाती है जिससे कठिन हालातों में वो हार ना मान सके।
मां के होने से घर जन्नत होता है। मां की जगह कोई ले नहीं सकता, घर में चाहें कितने लोग हों लेकिन मां ना हो तो सब खाली खाली लगता है। मां है तो हर दिन मदर्स डे है। मां वो है जो अपने सपनों को त्यागकर परिवार के लिए पहले सोचती है। खुशी बांटती है, उसके होंठो पर कभी बदुआ नहीं होती। बस एक मां जो कभी खफा नहीं होती।
आपने वो पंक्तियां तो सुनी होंगी भगवान हर जगह नहीं हो सकते इसलिए उन्होनें मां को बनाया। मां की थपकी बच्चों के लिए जन्नत का सुकुन का अहसास है जिसका कोई मोल नहीं किया जा सकता है। मां वो है अगर उसके बच्चे को चोट लग जाए तो उसे अहसास हो जाता है और आंख में से आंसू एक मां के पहले निकल आते हैं।
जब दुनिया केवल ये पूछती है कि क्या कर रहे हो, कितना कमा रहे हो, कहती है जल्दी पहुंचने की हर जगह कोशिश किया करो तो एक मां है जो केवल अपने बच्चे से ये पूछती है कि खाना खाया या नहीं, सब ठीक चल रहा है, तू ठीक है। केवल मां ही अपने बच्चे की मुसकुराहट के पीछे का गम जान जाती है।
मां वो सुकुन है जिसका दुनिया के आगे तुलना नहीं किया जा सकता। दुनिया का प्यार फेक हो सकता है लेकिन एक मां का प्यार कभी भी फेक नहीं होता। जब दुनिया मुश्किल में डाल देती है तो केवल मां से बात कर लेना उनकी गोद में सिर रखकर सुकुन जो मिलता वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिल सकता।
देवों ने भी सर झुकाया मां को किया प्रणाम है
मां से उत्तम कोई शब्द नहीं मां स्वयं में महान है..!!

