उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद बीते दिन यानि 13 मई को चुनावों के नतीजे घोषित कर दिए गए,आपको बता दें की निकाय चुनाव का पहला चरण 4 मई और दूसरा चरण 11 मई को सफलता पूर्वक हो चुका था ,इन चुनावों में पार्टियों ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी,जी जान लगा दी, ज़ोरो-शोरों से जनसभाओं को सम्बोधित किया गया,प्रचार अभियान की आंधी को तूफान में बदलने का हर संभव प्रयास किया गया।
दरअसल उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनावों में भाजपा की बंपर जीत हुई है इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 17 मेयर सीटों पर बड़ी जीत दर्ज की है। इसी के साथ नगर पालिका परिषद और वार्ड के चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन दमदार रहा आपको बता दें की इन चुनावों में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी पूरी ताकत लगाई थी इस दौरान निकाय चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद सीएम योगी ने ट्वीट करके भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता को बधाई दी। सीएम योगी के इस ट्वीट को पीएम मोदी ने भी रीट्वीट करते हुए पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
अब भाजपा की बंपर जीत हुई हो और इस पर विपक्ष कुछ न बोले ऐसा कैसे हो सकता हैं ,दरअसल प्रचार अभियान को पूरा करने के बाद और नतीजे आने से पहले पार्टियों ने फिर भी हार नहीं मानी थी ,लगातार एक दूसरे पर ज़ुबानी वार करते रहे,कभी बसपा ने तो कभी सपा ने , न जाने कितने और क्या क्या आरोप लगाए ,आपको बता दें की नगर निकाय चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर धांधली करने का आरोप तक लगाया था,इतना ही नहीं उन्होंने इस लपेटे में चुनाव आयोग तक को घसीट लिया,ये तक कह डाला की चुनाव आयोग मुर्ख बनकर सब कुछ देखता रहता हैं जिस पर यूपी सरकार के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जवाब देते हुए भी कहा की सपा हारने से पहले कारण ढूंढ लेती ही है,अब ये कारण सपा का फेवरेट हो चुका है और इतना ही नहीं इनका तो काम हैं रोने का सो ये कर रहे हैं,तो इसी दौरान जब 13 मई को मतदान के नतीजों की गिनती जारी थी तब भी अखिलेश यादव अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आये ,अखिलेश यादव ने ये तक कह डाला की भाजपा फ़रेबी मतगणना से जीत रही हैं,मतदान से नहीं
तो वंही दूसरी और अगर बात करें वैसे तो बसपा प्रमुख मायावती जी पूरे प्रचार के दौरान गायब रही थी आपको बता दें की जब सपा,भाजपा और अन्य पार्टियां ज़ोरो शोरों से प्रचार करने में जुटी हुई थी,उसी दौरान बसपा प्रचारों से दूरी बनाकर बैठी थी,या फिर यूँ कह लो की मायावती ने मुल्सिम दांव खेलने की भी पूरी कोशिश की लेकिन नतीज़न बसपा को अपनी बची हुई सीटों पर भी बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा,और इतना ही नहीं फ़िलहाल बसपा के दोनों हाथ खाली है इसी हार के बाद और बीजेपी की करारी जीत के बाद मायावती इतना बौखला गयी की भाजपा को चुनौती दें डाली,इतना ही नहीं भाजपा पर गंभीर आरोप तक लगा डालें मायावती ने कहा की यूपी निकाय चुनाव में बीजेपी के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों के इस्तेमाल के साथ ही साथ इनके द्वारा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से बीएसपी चुप होकर बैठने वाली नहीं है, बल्कि वक्त आने पर इसका बदला ज़रूर लेगी,चुप नहीं बेठुंगी इतना ही नहीं इसके जवाब बीजेपी को ज़रूर मिलेगा, अब बिना प्रचार और जनसभाओं में शामिल हुए मायावती कैसे उम्मीद कर सकती हैं निकाय चुनाव में दौड़ने की ये तो खुद मायावती ही जानें
अब आगे यह देखना काफी दिलचस्प होगा की मायावती का अगला वार क्या यूपी लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा या फिर यूँ ही हमें गीदड़ भप्की देखने को मिलती रहेंगी।

