कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टियों से मानो अपनी पूरी ताक़त ही झोंक दी हैं, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु में प्रचार के बीच बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार शाम को फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ देखी. साथ ही मीडिया से बात से करते हुए फिल्म का रिव्यु भी दिया जेपी नड्डा ने बताया कि केरल में धर्म परिवर्तन एक आतंकवाद है सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि यह एक बहुत ही भयावह आतंकवाद का रूप है. जिसमे कोई आवाज नहीं है, लेकिन यह बहुत खतरनाक है, जिसका ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म ने पर्दाफाश किया है |
आपको बता दें की जेपी नड्डा ने आगे कहा कि इस फिल्म का संबंध न ही किसी धर्म से है और न ही किसी विशेष राज्य से है, बल्कि इसका संबंध तो देश से है. इतना ही नहीं यह एक वैश्विक कहानी है. और यह केवल भारत में ही नहीं यह और भी तमाम देशों में हो रहा है जिसके तहत युवाओं को पहले आकर्षित किया जाता है, बाद में उन्हें इस नरक में दखेल दिया जाता.जेपी नड्डा ने बताया की केरला स्टोरी इन सभी मुद्दों को बहुद अच्छे से एक्सपोज करती है इतना ही नहीं फिल्म ने समाज में जागरुगता लाने का काम किया है और ये एक आई ओपनर स्टोरी है |
कांग्रेस-PFI एक थाली के चट्टे-बट्टे
एसडीपीआई की तरफ से कांग्रेस के समर्थन और आपसी साठगांठ के सवाल पर जेपी नड्डा ने बताया कि पीएफआई और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं. देश इनके लिए सेकेंड्री है. प्राइमरी इनके लिए वोट बैंक पॉलिटिक्स है. पीएफआई पर बैन भारत सरकार ने ठोस सबूत के आधार पर किया. हम देश की अखंडता के लिए काम करते हैं, लेकिन कांग्रेस की सोच है देश चाहे खंडित हो जाए लेकिन उन्हें वोट मिलना चाहिए |

