भारत के विदेश मंत्री ने बीते शुक्रवार को पणजी में विदेश मंत्रियों की SCO परिषद् की बैठक को सम्बोधित किया जिसमे एस जयशंकर ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया |
क्या हैं SCO
SCO जिसे शंघाई सहयोग संगठन भी कहा जाता हैं इसकी स्थापना 15 जून 2001 को की गयी थी जिसके उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के मकसद से की गई थी. संगठन के सदस्यों में रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं आपको बता दें की एससीओ की बैठक हर साल आयोजित की जाती है और फिलहाल भारत एससीओ का अध्यक्ष है |
पाकिस्तान के विदेश मंत्री के सामने ये बात बोल दी
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। जयशंकर ने पाकिस्तान, चीन समेत सभी SCO सदस्य देशों के सामने साफ शब्दों में कहा कि भारत सीमा पर आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही जयशंकर ने बताया कि हम सबको मिलकर आतंकवाद से लड़ना होगा। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को हराना है तो टेरर फंडिंग पर रोक लगानी जरूरी है। इतना ही नहीं आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. हम मानते हैं कि आतंकवाद किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया जा सकता. सीमा पार आतंकवाद सहित इसे हर रूप में रोकना होगा साथ ही आतंकवाद से निपटना एससीओ के मुख्य उद्देश्यों में से एक है|
SCO का महत्त्व
इससे पहले विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने पणजी में विदेश मंत्रियों की SCO परिषद की बैठक के लिए रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं एससीओ की भारत की पहली अध्यक्षता के तहत आपकी मेजबानी करते हुए हर्षित महसूस कर रहा हूं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत एससीओ में बहुपक्षीय सहयोग के विकास को और शांति एवं स्थिरता के संवर्धन को बहुत महत्व देता है।

