शिमला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। एक दशक बाद कांग्रेस की नगर निगम में वापसी हुई है। कुल 34 वार्डों के घोषित चुनाव परिणाम में कांग्रेस 24 वार्डों में जीत दर्ज की है। जबकि पिछले पांच साल नगर निगम की सत्ता पर काबिज रही भाजपा नौ वार्डों में ही जीत दर्ज कर पाई। माकपा की झोली में एक सीट गई, जबकि आम आदमी पार्टी चारों खाने चित हो गई और खाता भी नहीं खोल पाई। खास बात यह रही इस बार के चुनाव में एक भी निर्दलीय उम्मीदवार जीत नहीं पाया।
नगर निगम की आधी से ज्यादा सीटों पर महिलाओं ने परचम लहराया है। 34 में से 20 महिलाओं ने पार्षद का चुनाव जीता है। पांच अनारक्षित सीटों पर भी महिलाओं को जीत मिली है। कांग्रेस की 14 और भाजपा की छह महिलाएं पार्षद बनी हैं। कांग्रेस की शानदार जीत पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा है कि चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार के चार माह के कार्यकाल में किये गए सामाजिक भलाई एवं व्यवस्था परिवर्तन के कार्यों से लोग खुश हैं।
कुछ वार्डों में रोचक नतीजे आये हैं। कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज चुनाव हार गए हैं। भाजपा की मेयर रही सत्या कौंडल को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। संजौली चौक से कांग्रेस की ममता चंदेल ने पूर्व मेयर व भाजपा उम्मीदवार सत्या कौंडल को 196 मतों से हराया। कांग्रेस से बागी होकर कृष्णानगर वार्ड से निर्दलीय लड़े पूर्व मेयर सोहन लाल भी चुनाव हार गए हैं।

