एक समय पर दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करने वाली Byju’s को बड़ा आर्थिक घाटा झेलना पड़ा है, दरअसल फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में Byju’s को 250 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, वहीं बात अगर इसके पिछले वित्तीय वर्ष की करें तो उस वक्ता घाटा सिर्फ 9 करोड़ रुपये का हुआ था, ये जानकारी बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर के हाथ लगे दस्तावेजों से सामने आई है, समेकित आधार पर, बायजूस का परिचालन से राजस्व 82% बढ़कर 2380 करोड़ रुपये हो गया, इसकी वजह रही कि बायजूस के कोर्सेज के लिए वित्त वर्ष 2019-20 में और अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था
घाटा इसलिए बढ़ा क्योंकि खर्च 1,376 करोड़ रुपये के दोगुने से अधिक होकर 3,021 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने कर्मचारी लाभ व्यय के रूप में 420 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो इसके कुल व्यय का लगभग 14% था।
बायजूस के रेवेन्यु का पूरा गणित
बायजूस को इस साल निवेशकों से बड़ी फंडिंग मिली है। कंपनी ने इसका एक बड़ा हिस्सा एडवर्टोरियल्स पर इस्तेमाल किया, बायजूस के रेवेन्यु का 70% से अधिक टैबलेट और एसडी कार्ड की बिक्री से आया, जिसमें इसके पाठ्यक्रम मौजूद हैं,रेफरेंस बुक्स की बिक्री से राजस्व का 23% उत्पन्न हुआ। बाकी रेवेन्यु ट्यूशन और सर्विस फीस से रहा
करोड़ों में हैं Byju’s के सब्सक्राइबर
बात अगरबायजू के सब्सक्राइबर की करें तो ये आंकड़ा लाख दो लाख का नहीं बल्कि करोड़ों का है, मौजूदा समय में बायजू के 6.5 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, इसने पिछले वर्ष में लगभग 2.5 करोड़ सब्सक्राइबर जोड़े क्योंकि कोविड के बीच अधिक लोगों ने ऑनलाइन कक्षाओं के लिए साइन अप किया। कंपनी पिछले एक साल से धड़ाधड़ अधिग्रहण कर रही है, यह व्हाइटहैट जूनियर, आकाश, ग्रेट लर्निंग और टॉपर जैसी कंपनियों की खरीद का सौदा पूरा करने में जुटी है, बायजूस को इस साल निवेशकों से बड़ी फंडिंग मिली है लेकिन कंपनी ने इसका एक बड़ा हिस्सा एडवर्टोरियल्स पर इस्तेमाल किया,बायजूस के परिचालन से राजस्व 82% बढ़कर 2380 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है
आशीष

