Parliament Deupty Speaker: हालांकि विपक्ष ने अभी तक लोकसभा में उपाध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद सबसे आगे चल रहे हैं। अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
रविवार, 30 जून को सूत्रों ने संकेत दिया कि विपक्ष उपाध्यक्ष पद के लिए अवधेश प्रसाद का नाम आगे बढ़ा सकता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ममता बनर्जी ने इस पद के लिए प्रसाद का नाम प्रस्तावित किया है और आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपना समर्थन जताया है।
विपक्ष का उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार कौन होगा?
राजनीतिक अटकलों के बीच सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने अफवाहों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “मुझे कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मैंने मीडिया से उपाध्यक्ष पद के मामले के बारे में सुना है। मैं लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हूं और सभी जिम्मेदारियां निभाई हैं।”
राहुल गांधी के बयान पर अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसद में हाल ही में दिए गए भाषण को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा, “उन्होंने हिंदुओं के बारे में कुछ नहीं कहा। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की मानसिकता, विचारधारा और मानसिकता के बारे में बात की। उनका बयान हिंदुओं के लिए नहीं बल्कि भाजपा और आरएसएस के सदस्यों के लिए था।”
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अवधेश प्रसाद का नाम क्यों जोर पकड़ रहा है
परंपरागत रूप से, उपसभापति का पद विपक्ष को आवंटित किया जाता रहा है। हालांकि, 2014 और 2019 में विपक्ष को यह पद नहीं मिला। इस बार विपक्ष जोरदार तरीके से उपसभापति पद के लिए दावा कर रहा है। अवधेश प्रसाद की उम्मीदवारी जोर पकड़ रही है क्योंकि उन्होंने फैजाबाद से संसदीय सीट जीती है, जिसमें राम मंदिर स्थल अयोध्या भी शामिल है। प्रसाद के नाम का समर्थन करना भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

